Nov 01, '09
बंधुओं,
प्रणाम!
क्या कहता है शीर्षक !
विश्व के सर्वाधिक पढ़े जाने वाले अखबार होने का दावा करने वाले दैनिक जागरण के ०१/११/२००९ के अंक के मुख्य-पृष्ठ के एक शीर्षक ने मुझे आपके पास आने की प्रेरणा दी. आशा है, अन्यथा नहीं लेंगे.
दैनिक जागरण के मुख्य पृष्ठ के ऊपरी बांये कोने में खबर थी : कृतज्ञ राष्ट्र ने इंदिरा को याद किया. उसके साथ छपे चित्र का कैप्शन है: नई दिल्ली स्थित शक्ति स्थल पर पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी को श्रद्धांजलि अर्पित करते राहुल व सोनिया गाँधी.
मुझे समझ में नहीं आया कि राष्ट्र कौन है - राहुल या सोनिया?
इस खबर कि ऐसी प्रस्तुति ने मुझे आपातकाल के दौरान इंदिरा इस इंडिया, इंडिया इस इंदिरा का नारा दे कर मशहूर हुए नेता देव कान्त बरुआ की याद दिला दी.
इंदिरा को याद किया गया - इतना शीर्षक भी तो हो सकता था!
फिर, राष्ट्र की जो जनता है, उसमें आज भी ऐसे बहुत से लोग मिल जायेंगे जो इंदिरा के नाम से ही भड़क उठेंगे. बहुत से ऐसे भी होंगे जिन्हें कृतज्ञ शब्द पर आपत्ति होगी.
ऐसी प्रस्तुति को आप क्या कहेंगे - चापलूसी या कुछ और?
उत्तर की प्रतीक्षा रहेगी.
आपका
साथी