Posted on: May 07, '09

प्रार्थना
पुकारती है मॉ तुझे
आज मेरी ये भक्ति
दिखा शक्ति दिखा शक्ति
देश मे है बढ रहा
अन्याय पाप अत्याचर
तेरा वज़ुद है अगर
उतर आ जमीन पर
दिखा शक्ति दिखा शक्ति
लूट रही है अबलाऐ
सूख गये सभी आंसू
अपनी कौम का उधार कर
शश्त्रो को हाथ धर
दिखा शक्ति दिखा शक्ति
मिट गया है धर्म अब
हर तरफ अब आग है
प्रेम की शिलाओ मे
बरूदो क राग है
इस आग को मिटा देतू
दिखा शक्ति दिखा शक्ति
धधकते है आंखो मे
इंसान, इंसानके
श्मशान मे भी लड रहे
मुर्दे हिन्दो-पकिस्तान के
नई राह कोई दिखा दे तू
दिखा शक्ति दिखा शक्ति
देश मे चलन हुआ
बे-ईमानी भ्रष्टाचार का
पेट बंधे सो रहे
कुछ आदमी जहान के
इस भूख से त्राण दे
दिखा शक्ति दिखा शक्ति
जो लड रहे है सीमा पर
अपना सब कुछ छोड कर
उठाऐ फिरते तिरंगा जो
दुनियां से मुहं मोडकर
उन्हे शक्ति का वरदान दे
दिखा शक्ति दिखा शक्ति
नन्हे नन्हे फूल जो
खिले नही पूरी तरह
आतंकवादियो कि भेंट वो
चढ रहे है हर जगह
इस आतंक को मिटा दे तू
दिखा शक्ति दिखा शक्ति
देश मे अकाल है
बिमारी मालामाल है
जनसंख्या बेकरी
बुरा हाल है
कुछ रोक ही लगा दे तु
दिखा शक्ति दिखा शक्ति
दुनियां मे प्रकाश कर
भूख गरीबी का नाश कर
अधर्म अविश्वास को मिटा दे तू
जग मे प्रेम केपुष्प खिला दे तू
दिखा शक्ति दिखा शक्ति
दिखा शक्ति दिखा शक्ति
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