Fropper.com - no one's a stranger
Already a member? Login here  | Tour | Help  
in


42, Male, Bhopal, India

Member since  : Feb 8, 2017
Last visit  : Jun 17, 2018

Send message
Add to My Friends
Add as Favorite
Add to Bookmarks


Online Status & Contact

Offline
Amezing2017


My Favorites [ 2 ]



Amezing2017's zone
http://www.fropper.com/zones/Amezing2017
 MY HITS! 1840


ASTONISHING



About me :
MARRIED , TWO KIDS , BUSINESSMAN

Interest & Hobbies :
LONG DRIVE , MOVIE , SWIMMING , CRAZY ABOUT NEW CARS AND MOBILES .

Favorite Music & Artists :
HARI HARAN


My Videos [ 1 ]



My Groups [ 3 ]


BACHPAN KI Y...
Members: 114
'Nature Lover'
Members: 541
Fropper Team
Members: 1227040


My ezBlog posts [ 0 ]


No ezBlog posts added.

Photos from my collection [ 0 ]


No photos added.

Scraps [ 1312 ]


Offline Offline

by Vidya1985CAP
मिलना-जुलना जहाँ ज़रूरी हो,
मिलने-जुलने का हौसला रखना.

हर गाम पे शिकस्त ने यूँ हौसला दिया,
जिस तरह साथ साथ कोई हमसफ़र चले.

 If you fail ..... try, try, and try even
for one thousand times and you will
find one thousand ways to achieve."

I have tried harder and harder to achieve 
bits of happiness in my life... and I found
that whenever I tried... I found different
ways to achieve them.

Good evening & have a beautiful life



Posted on: June 21, '18



Offline Offline

by Saloni1976
कितने चेहरे तुने अपने बदले, बदल कर साथ साथ ओरों के चेहरे,

कब्र से उठ रही यह विरानी चीख उन बदनसीबों में से एक हें



Posted on: June 21, '18



Offline Offline

by Saloni1976
क़ैदख़ाना हैं, बिन सलाख़ों का, यारां

कुछ यूँ चर्चें हैं , तुम्हारी आँखों के.



Posted on: June 21, '18



Offline Offline

by Saloni1976
यूं ही नहीं स्याही जो हो जाती ये काली रातें...

ये शाम उसकी आँखों से काजल  उधार लेती हे



Posted on: June 21, '18



Offline Offline

by Saloni1976
कितनी प्यासी रही हुं में बुंद बुंद उम्र भर सारी,

शुक्रिया तेरा चार इंच के उपरी फासले से बुंद बुंद पिलाने के लिये !



Posted on: June 21, '18



Offline Offline

by Mr_Fropper2015
साथ छुटे थे साथ छुटे है

हाथ छुटे थे हाथ छुटे है

मै कहाँ जाकर सच तलाश करूँ

आजकल आईने भी झूठे हैंखुलकर चाहतों का दरवाज़ा

राह ताकना भी बंद कर देगा

मेरे महबूब लौटकर आजा

दिल धड़कना भी बंद कर देगा



फूलों ने कभी रंगों ने पैगाम दिए हैं

मैंने तेरी यादों को कई नाम दिए हैं

मयखाने की बुनियाद मेरे दम से है लेकिन

साकी ने मुझे टूटे हुए जाम दिए हैं



इतने करीब आकर सदा दे गया मुझे

मै बुझ रही थी कोई हवा दे गया मुझे



Posted on: June 21, '18



Offline Offline

by Valley_of_Roses
                 
"Happiness is not something you postpone for the future; it is something you design for the present."
-- Jim Rohn
Good Morning
                 



Posted on: June 21, '18



Offline Offline

by sam_sensitive
अजब सी आग जलती है कि दिल की बात न पूछो,
धुआँ आने लगा बाहर, मेरे हालात न पूछो,
कहीँ ऐसा न हो की तुम झुलस जाओ करीब आकर,
बस अपनी बात कह दो पर मेरे जज़्बात न पूछो।



Posted on: June 20, '18



Offline Offline

by Vidya1985CAP
लगता है बारिश को भी कब्ज़ हो गयी है।
मौसम तो बनता है पर आती नहीं।
#
मरना हैं तो मरो अपने वतन के लिये,
क्यों मरतें हो एक दुल्हन के लिये,
इश्क के गलियों में खींचकर मारे जाओगे,
कोई चन्दा भी ना देगा कफन के लिये।
#
रिश्तों में निखार सिर्फ
हाथ मिलाने से नहीं आता,

विपरीत हालातों में हाथ
थामे रहने से आता है।

Happy days to you ahead.



Posted on: June 20, '18



Offline Offline



Posted on: June 20, '18



Wanna leave a scrap?
Register Now!
It's free!
Already member? Login here.