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32, Male, Bangalore, India

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Harsha1000



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Harsha1000



About me :
Hello Friends, Iam Harsha here.28 years of age and Telecommunication engineer by profession.Working for MNC in bangalore.Iam also a student of photography and Fine Arts.

Interest & Hobbies :
Picnics,long distance motorbike riding,reading adventures novels, Getting together with friends,swimming and cardriving is of my greatest interest. Ofcourse, I enjoy more time with my painting and photography work.This is my special interest and hobby.

Favorite Music & Artists :
Karnatic vocals :M.S.Subbulakshmi,KJ Yesudas, Sentimental Hits :Kishore Kumar, Hidustani clasicals :Bhimsenjoshi, Shehnoi :Ustad Bismillakhan, Gazals :Pankaj Udas

Favorite Books & Authors :
There are many books of social and adventuruous novels which I can not list here.

Favorite Movies, Actors & Directors :
Most of the old movies of 1970s, 80s and 90s


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by monali2596
बाद मुद्दत उन्हें देख कर यूँ लगा
जैसे बेताब दिल को क़रार आ गया

आरज़ू के गुल मुस्कुराने लगे
जैसे गुलशन में बहार आ गया

तिश्न नज़रें मिली शोख नज़रों से जब
मैं बरसने लगी जाम भरने लगे

साक़िया आज तेरी ज़रूरत नहीं
बिन पिये बिन पिलाये खुमार आ गया

रात सोने लगी सुबह होने लगी
शम्म बुझने लगी दिल मचलने लगे

वक़्त की रोश्नी में नहायी हुई
ज़िन्दगी पे अजब स निखार आ गया



Posted on: July 18, '18



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by monali2596
बहुत सारे लोग आपके साथ शानदार गाड़ियों में घूमना चाहते हैं, पर आप चाहते हैं की कोई ऐसा हो जो गाड़ी खराब हो जाने पर आपके साथ बस में जाने को तैयार रहे। जीवन ठेहराव और गति के बीच का संतुलन है।



Posted on: July 17, '18



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by monali2596
कुछ छोटे सपनों की ख़ातिर
बड़ी नींद का सौदा करने
निकल पड़े हैं पाँव अभागे
जाने कौन नगर ठहरेंगे

वही प्यास के अनगढ़ मोती
वही धूप की सुर्ख़ कहानी
वही ऑंख में घुट कर मरती
ऑंसू की ख़ुद्दार जवानी
हर मोहरे की मूक विवशता
चौसर के खाने क्या जानें
हार-जीत ये तय करती है
आज कौन-से घर ठहरेंगे

कुछ पलकों में बंद चांदनी
कुछ होठों में क़ैद तराने
मंज़िल के गुमनाम भरोसे
सपनों के लाचार बहाने
जिनकी ज़िद के आगे सूरज
मोरपंख से छाया मांगे
उनके ही दुर्गम्य इरादे
वीणा के स्वर पर ठहरेंगे



Posted on: July 13, '18



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by monali2596
तलाशी मेरे हाथों की लेकर क्या पा लोगे तुम, 
चंद लकीरों में छिपे अधूरे से कुछ किस्से हैं।

 

यूँ चेहरे पर उदासी ना ओढ़िये साहब... 
वक़्त ज़रूर तकलीफ का है लेकिन कटेगा मुस्कुराने से ही।

 

Good Morning



Posted on: July 12, '18



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by monali2596
I am a housewife

I am teacing in a school But its not my job is a passion



Posted on: July 06, '18



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by monali2596
शायरी में सिमटते कहाँ है दिल के दर्द दोस्तों !

बहला रहे हैं ख़ुद को ज़रा काग़ज़ों के साथ !!

 

 

कोई नहीं याद करता वफ़ा करने वालों को,

मेरी मानों बेवफा हो जाओ ज़माना याद रखेगा

 

तेरे लफ़्ज़ों को शिद्दत से पढ़ने में सुकून मिलता है !

तुम्हारी इन प्यारी यादों को भूलना ही कौन चाहता है !!

 



Posted on: July 06, '18



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by monali2596
ना शाखों ने पनाह दी,ना हवाओ ने बक्शा,
वो पत्ता आवारा ना बनता तो क्या करता।

 

सरे बाज़ार निकलूं तो आवारगी की तोहमत,
तन्हाई में बैठूं तो इल्जाम-ए-मोहब्बत।



Posted on: July 04, '18



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by monali2596
अगर वो मिल के बिछड़ने का हौसला रखता
तो दरमियाँ न मुक़द्दर का फ़ैसला रखता

वो मुझ को भूल चुका अब यक़ीन है वरना
वफ़ा नहीं तो जफ़ाओं का सिलसिला रखता

भटक रहे हैं मुसाफ़िर तो रास्ते गुम हैं
अँधेरी रात में दीपक कोई जला रखता

महक महक के बिखरती हैं उस के आँगन में
वो अपने घर का दरीचा अगर खुला रखता

अगर वो चाँद की बस्ती का रहने वाला था
तो अपने साथ सितारों का क़ाफ़िला रखता



Posted on: June 28, '18



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by monali2596
दोस्ती, चाहत, वफ़ा की बात सब करते मगर,
वक्त पर, मजबूरियाँ अपनी जताने आ गए।

खुद के जख्मों की नहीं परवाह, हम भी सिरफिरे,
दुसरे के घाव पर मरहम लगाने आ गए।

इस कदर मशगूल थे, यह जिंदगानी का सफ़र,
कुछ पता ही ना चला, अपने ठिकाने आ गए।



Posted on: June 26, '18



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by monali2596
जो अगणित लघु दीप हमारे,
तूफ़ानों में एक किनारे,
जल-जलाकर बुझ गए किसी दिन,
मांगा नहीं स्नेह मुँह खोल।
कलम, आज उनकी जय बोल।

पीकर जिनकी लाल शिखाएं,
उगल रही सौ लपट दिशाएं,
जिनके सिंहनाद से सहमी,
धरती रही अभी तक डोल।
कलम, आज उनकी जय बोल।

अंधा चकाचौंध का मारा,
क्या जाने इतिहास बेचारा,
साखी हैं उनकी महिमा के,
सूर्य, चन्द्र, भूगोल, खगोल।
कलम, आज उनकी जय बोल।



Posted on: June 21, '18



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